cane up enquiry: गन्ना मिल ने अतिरिक्त तोल पर रोक लगायी अब सिर्फ 9 कुंतल गन्ना ज्यादा गन्ना तोल पाएंगे ?

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cane up enquiry : उत्तर प्रदेश गन्ना मिलो ने किसानो को पर्ची पर सिर्फ 9 कुंतल गन्ना ज्यादा तोलने की अनुमति दी अब किसान अपनी पर्ची के मुताबिक सिर्फ 9 कुंतल ज्यादा ही गन्ना तुलवा सकेंगे ये फैसला गन्ना मिल द्वारा लिया गया है । पहले किसान अपनी गन्ना पर्ची पर ज्यादा से ज्यादा गन्ना तुलवा देता थे लेकिन अब सिर्फ 9 कुंतल ही तुलवा सकेंगे । किसानो को मिल द्वारा तीन प्रकार की पर्ची मुहैया कराई जाती है गाड़ी , ट्रिप्लेर , ट्राली , पहले किसान मिल में जाकर अपनी पर्ची को बजन के मुताबिक बढ़ी करा लेता थे ।

पर्ची पर अब 9 कुंतल से ज्यादा फालतू बजन नहीं तुलवा सकते | cane up enquiry

उत्तर प्रदेश चीनी मिल द्वारा गन्ना किसानो की पर्ची बढ़ी करने को पूरी तरह रोक दिया गया अब सिर्फ 9 कुंतल ज्यादा ही गन्ना तुलवा सकेंगे पहले किसान अपनी 45 कुंतल की पर्ची पर 90 कुंतल तक गन्ना तुलवा देते थे लेकिन अब एक 9 कुंतल से ज्यादा नहीं तुलवा सकेंगे 45 कुंतल की पर्ची पर 54 कुंतल से ज्यादा गन्ना नहीं तोला जयेगा cane up enquiry

पर्ची पर ज्यादा गन्ना तोलने की वजह से आने वाली पर्चियां अतिरिक्त बजन में कट दी जाती थी जिससे किसान की आने वाली पर्चियां अतिरिक्त बजन में कट जाती और किसान को इंतजार करना पढता था अतिरिक्त बजन के कारण किसान ज्यादा से ज्यादा गन्ना मिल को भेज रहे थे जिससे मिल में लम्बी लाइन लग रही थी क्योंकि पर्ची का इंडेन कुछ आता और मिल को गन्ना कुछ पहुंचता था । cane up enquiry

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अतिरिक्त बजन के कारण गन्ना मिल को ज्यादा से ज्यादा पेराई करनी होती थी किसी किसान के एक पर्ची है लेकिन वो दो पर्ची की बराबर गन्ना तोल देता था जिसे सट्टा कलैंडर में भी दिक्कत आती गन्ना मिल के इस फैसले से किसानो को नुकसान उठाना पढ़ रहा जो किसानो के हित में नहीं किसानो में गन्ना विभाग के अधिकारियो से बात की और गन्ना सोसाइटी को अपनी समस्या बताई । cane up enquiry

अतिरिक्त बजन रुकने से किसानो पर क्या प्रभाव पढ़ेगा | cane up enquiry| 

गन्ना मिल द्वारा अतिरिक्त बजन पर प्रतिबन्ध लगाने से किसानो को ना खुश देखा गया क्योंकि पहले किसान अपनी पर्ची पर ज्यादा से ज्यादा गन्ना तुलवा दिया करते थे जिससे किसानो का टाइम और पैसे दोनों की ज्यादा से ज्यादा बचत होती थी । उत्तर प्रदेश के किसान गन्ना मिल को गन्ना दो प्रकार से देता है एक तो सीधा गन्ना मिल में गन्ना पहुंचाते है और दूसरा तरीका गांव गांव गन्ना विभाग ने किसान के लिए गन्ना सेण्टर बना दिया जिससे किसानो को फायदा हो । cane up enquiry

ज्यादा बजन तोलने से किसानो को ट्रांसपोर्ट का खर्चा काम आता था गन्ना किसान को अपने गन्ने को मिल तक पहुंचाने के लिए प्रति कुंतल 20 से 25 रुपए खर्च करने होते है अब किसानो को 30 से 35 रुपए प्रति कुंतल का खर्च आएगा गन्ना मिल तक पहुंचाने में कुछ किसानो को 50 km से लेकर 90 km तक गन्ना डालना होता है । अब किसानो को ज्यादा से ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे गन्ना मिल तक पहुंचाने में | cane up enquiry

गन्ना घटतौली रोकने के लिए टीम का गठन cane up enquiry|

उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग ने गन्ने की घटतौली रोकने के लिए टीम का गठन किया जिससे गन्ने की घटतौली पूरी तरह रोकी जा सकती है । गन्ना मिलो द्वारा किसानो के गन्ने की घटतौली की शिकायतो को मध्य नजर रखते हुआ तोल केंद्र और मिल में टीम का गठन किया ताकि किसान के गन्ने में कोई हेरा फेरी ना हो गन्ना किसानो को लगातार शिकायतो को देखते हुए ये कदम उठाया गया । cane up enquiry

गन्ना केंद्र पर किसानो के गन्ने की ज्यादा घटतौली की जाती है जिससे किसानो ने गन्ना विभाग को अगवत कराया और बताया कैसे किसानो को तोल अधिकारियो द्वारा लुटा जा रहा है अब अगर कोई भी घटतौली करता पाया गया उसके खिलाफ मुकदमा लिखा जायेगा । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना किसानो को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना का वादा किया है ।

हम आपको बताते चले की पुरे भारत में सबसे ज्यादा गन्ने का उत्पाद उत्तर प्रदेश में किया ज्यादा है उत्तर प्रदेश चीनी और इथेनॉल उत्पाद के मामले में पहले नंबर पर आता है उत्तर प्रदेश की चीनी दुनिया के कोने कोने में एक्सपोर्ट की जाती है । अभी उत्तर प्रदेश में लगभग 130 मिल चालू है जो रोज़ 50 हजार से लेकर 1 लाख कुंतल तक रोज गन्ने की पेराई करते है 

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